ऊर्जा और पर्यावरण: पाँच संकेतकों में दुनिया
यह स्लाइडशो ऊर्जा और पर्यावरण के पाँच संकेतकों को एक-एक फ़्रेम में दिखाता है। हर फ़्रेम में देशों की क्रम-सूची का बार चार्ट, भारत का मान और स्थान, तथा उसकी वर्ष-दर-वर्ष रेखा दी गई है। सभी आँकड़े World Bank के World Development Indicators से लिए गए हैं।
| CO2 emissions per person | 93 | भारत का प्रति व्यक्ति CO2 उत्सर्जन 2.1737 टन, 203 में 93वाँ स्थान |
| Energy use per person | 64 | भारत का प्रति व्यक्ति ऊर्जा उपयोग 763.1979 किग्रा, 179 में 64वाँ स्थान |
| Renewable energy share | 69 | भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा 34.9%, 212 में 69वाँ स्थान |
| Access to electricity | 139 | भारत में बिजली पहुँच 99.5%, 216 में 139वाँ स्थान |
| Forest area | 120 | भारत में वन क्षेत्र का अनुपात 24.539%, 214 में 120वाँ स्थान |
हर फ़्रेम में पहले यह देखें कि क्रम किस दिशा में है — CO2 और ऊर्जा उपयोग में सबसे कम मान पहले स्थान पर है, बाकी तीन में सबसे अधिक मान। फ़्रेमों के बीच मानों की सीधी तुलना न करें, क्योंकि इकाइयाँ (टन, किग्रा, %), देशों की संख्या और नवीनतम वर्ष अलग-अलग हैं।
मुख्य बातें
ऊर्जा और पर्यावरण के पाँच संकेतकों में भारत की तस्वीर एक जैसी नहीं है। सबसे उभरकर दिखने वाला आँकड़ा है प्रति व्यक्ति CO2 उत्सर्जन — 2.1737 टन, और 203 देशों/क्षेत्रों में 93वाँ स्थान (यहाँ 1 = सबसे कम उत्सर्जन), यानी विश्व मान 4.6933 टन के आधे से भी कम। प्रति व्यक्ति ऊर्जा उपयोग 763.1979 किग्रा (तेल-समतुल्य) भी विश्व मान 1866.1646 किग्रा से काफ़ी नीचे है, जबकि अंतिम ऊर्जा खपत में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा 34.9% है — विश्व मान 19.7356% से ऊपर, 212 में 69वाँ स्थान। बिजली पहुँच 99.5% तक आ चुकी है (विश्व मान 91.5992%), पर वन क्षेत्र का अनुपात 24.539% है, जो विश्व मान 31.143% से नीचे और 214 में 120वें स्थान पर है।
स्रोत: World Bank, World Development Indicators — EN.GHG.CO2.PC.CE.AR5 / EG.USE.PCAP.KG.OE / EG.FEC.RNEW.ZS / EG.ELC.ACCS.ZS / AG.LND.FRST.ZS (https://data.worldbank.org/indicator/EN.GHG.CO2.PC.CE.AR5)
केंद्रीय संकेतक का नवीनतम मान
पहला संकेतक प्रति व्यक्ति CO2 उत्सर्जन (LULUCF को छोड़कर) है। इस सूची में क्रम इस तरह लगाया गया है कि सबसे कम मान वाला देश पहले स्थान पर आता है — पहला स्थान नाउरु (0.0 टन) का है। इस पैमाने पर भारत का 2024 का मान 2.1737 टन है और 203 देशों/क्षेत्रों में 93वाँ स्थान, यानी सूची के कम-उत्सर्जन वाले आधे हिस्से में। विश्व मान 4.6933 टन की तुलना में भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन लगभग 46% है, यानी वैश्विक औसत के आधे से कुछ कम।
स्रोत: World Bank, World Development Indicators — Carbon dioxide (CO2) emissions excluding LULUCF per capita (t CO2e/capita), world_bank_wdi:EN.GHG.CO2.PC.CE.AR5 (https://data.worldbank.org/indicator/EN.GHG.CO2.PC.CE.AR5)
ऊपर और नीचे के देश
CO2 के कम-उत्सर्जन वाले सिरे पर नाउरु (0.0 टन), तुवालू (0.0 टन), गुआम और माइक्रोनेशिया (दोनों 0.0018 टन) जैसे बहुत छोटी आबादी वाले द्वीपीय क्षेत्र हैं, और उनके साथ सोमालिया (0.0455 टन), कांगो-किंशासा (0.0568 टन) तथा मध्य अफ़्रीकी गणराज्य (0.0633 टन) जैसे कम आय वाले देश। दूसरे सिरे पर पलाऊ (82.8426 टन), क़तर (47.3322 टन), बहरीन (23.9 टन), कुवैत (23.6727 टन), ब्रूनेई (20.2427 टन) और त्रिनिदाद और टोबैगो (19.5811 टन) हैं — ज़्यादातर तेल-गैस आधारित या बहुत छोटी अर्थव्यवस्थाएँ। भारत 2.1737 टन के साथ कम-उत्सर्जन वाले सिरे की ओर है; क़तर का मान भारत से लगभग 22 गुना है। ऊर्जा उपयोग में भी यही ढाँचा दिखता है: सबसे कम लेसोथो 9.7273 किग्रा, और सबसे अधिक क़तर 16343.0404 किग्रा तथा आइसलैंड 15996.6796 किग्रा — भारत 763.1979 किग्रा के साथ 179 में 64वें स्थान पर।
स्रोत: World Bank, World Development Indicators — EN.GHG.CO2.PC.CE.AR5 तथा Energy use (kg of oil equivalent per capita), world_bank_wdi:EG.USE.PCAP.KG.OE (https://data.worldbank.org/indicator/EG.USE.PCAP.KG.OE)
पिछले दस वर्षों में क्या बदला
भारत का प्रति व्यक्ति CO2 उत्सर्जन 2013 के 1.5995 टन से बढ़कर 2024 में 2.1737 टन हुआ — करीब +0.5742 टन (लगभग +36%); बीच में 2020 में यह घटकर 1.6804 टन रहा और उसके बाद फिर बढ़ा। प्रति व्यक्ति ऊर्जा उपयोग 2012 के 572.1331 किग्रा से 2023 में 763.1979 किग्रा हुआ, यानी +191.0648 किग्रा (लगभग +33%), जिसमें 2020 का 632.2398 किग्रा एक अपवाद जैसा वर्ष दिखता है। नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा 2010 के 36.2% से 2021 में 34.9% पर आया — करीब -1.3 प्रतिशत अंक, बीच में 2017 का 32.5% सबसे नीचे और 2020 का 36.1% ऊपर रहा। सबसे बड़ा बदलाव बिजली पहुँच में है: 2012 के 79.9% से 2023 में 99.5%, यानी लगभग +19.6 प्रतिशत अंक। वन क्षेत्र का अनुपात 2012 के 23.5534% से 2023 में 24.539% दर्ज हुआ, करीब +0.99 प्रतिशत अंक।
स्रोत: World Bank, World Development Indicators — EN.GHG.CO2.PC.CE.AR5 / EG.USE.PCAP.KG.OE / EG.FEC.RNEW.ZS / EG.ELC.ACCS.ZS / AG.LND.FRST.ZS (https://data.worldbank.org/indicator/EG.ELC.ACCS.ZS)
पड़ोसी और समकक्ष देशों से तुलना
प्रति व्यक्ति CO2 में भारत 2.1737 टन पर है, जबकि चीन 9.3151 टन, अमेरिका 13.6196 टन, दक्षिण कोरिया 11.3623 टन, जापान 7.8424 टन, जर्मनी 6.944 टन, यू॰के॰ 4.2241 टन और फ़्रांस 4.0036 टन — यानी भारत का मान चीन का लगभग एक-चौथाई और अमेरिका का करीब छठा हिस्सा है। ऊर्जा उपयोग में भी अंतर बड़ा है: भारत 763.1979 किग्रा बनाम चीन 2850.9415 किग्रा (लगभग 3.7 गुना), अमेरिका 6359.4398 किग्रा (लगभग 8.3 गुना), दक्षिण कोरिया 5438.7904 किग्रा, फ़्रांस 3184.7895 किग्रा, जापान 3005.899 किग्रा, जर्मनी 2824.5901 किग्रा और यू॰के॰ 2071.0233 किग्रा। नवीकरणीय हिस्से में भारत 34.9% के साथ इन सात देशों — जर्मनी 17.6%, फ़्रांस 16.2%, चीन 15.2%, यू॰के॰ 12.2%, अमेरिका 10.9%, जापान 8.8%, दक्षिण कोरिया 3.6% — सबसे ऊपर है; पड़ोस में भूटान 82.5% के साथ शीर्ष 12 में आता है। वन अनुपात में भारत 24.539% चीन के 24.0319% के लगभग बराबर है, पर जापान 68.3958% और दक्षिण कोरिया 64.1086% से बहुत नीचे; यू॰के॰ 13.2907% भारत से नीचे है। बिजली पहुँच में भारत 99.5% है और ये सातों देश 100.0% पर — यहाँ लगभग पूरा अंतर मिट चुका है।
स्रोत: World Bank, World Development Indicators — EN.GHG.CO2.PC.CE.AR5 / EG.USE.PCAP.KG.OE / EG.FEC.RNEW.ZS / AG.LND.FRST.ZS / EG.ELC.ACCS.ZS (https://data.worldbank.org/indicator/EG.FEC.RNEW.ZS)
इन आंकड़ों को कैसे पढ़ें
सबसे पहले क्रम की दिशा देखनी चाहिए: CO2 और ऊर्जा उपयोग में मान जितना कम, स्थान उतना ऊपर (पहला स्थान नाउरु 0.0 टन, लेसोथो 9.7273 किग्रा), जबकि नवीकरणीय हिस्सा, बिजली पहुँच और वन अनुपात में मान जितना अधिक, स्थान उतना ऊपर। इसलिए भारत का "93वाँ" या "120वाँ" अपने-आप अच्छा या बुरा नहीं पढ़ा जा सकता — हर बार यह देखना ज़रूरी है कि किस चीज़ का क्रम है। CO2 का यह माप LULUCF (भूमि-उपयोग, भूमि-उपयोग परिवर्तन और वानिकी) को छोड़कर, उत्पादन के आधार पर गिना जाता है, इसलिए आयातित वस्तुओं के निर्माण में हुआ उत्सर्जन इसमें नहीं आता। ऊर्जा उपयोग प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति का तेल-समतुल्य किग्रा है और उद्योग-ढाँचे, जलवायु तथा भूगोल से गहराई से प्रभावित होता है। नवीकरणीय हिस्सा अंतिम ऊर्जा खपत पर आधारित है, जिसमें पारंपरिक बायोमास (लकड़ी, कोयला-कोयला अंगारे) की खपत भी गिनी जाती है — इसीलिए कांगो-किंशासा 96.3% या सोमालिया 95.4% जैसे कम आय वाले देश सबसे ऊपर दिखते हैं, और इसे अकेले आधुनिक स्वच्छ ऊर्जा का पैमाना मानना ठीक नहीं। वन अनुपात भूभाग के प्रतिशत के रूप में है, इसलिए देश के आकार के साथ इसका अर्थ बदल जाता है। बिजली पहुँच में बहुत से देश 100.0% पर एक साथ खड़े हैं, इसलिए वहाँ स्थान-संख्या के अंतर (जैसे 39, 57, 124) को श्रेष्ठता या कमी की तरह नहीं पढ़ना चाहिए। पलाऊ 82.8426 टन, नाउरु और तुवालू 0.0 टन या आइसलैंड 15996.6796 किग्रा जैसे मान बहुत छोटी आबादी वाले या विशेष ऊर्जा-स्थिति वाले क्षेत्रों के हैं, जहाँ सांख्यिकीय गणना का असर भी बड़ा होता है। अंत में, नवीनतम वर्ष संकेतक-दर-संकेतक अलग है (CO2 और ऊर्जा 2024, बिजली पहुँच और वन 2023, नवीकरणीय का आँकड़ा 2022 के रूप में दर्ज पर शृंखला 2021 तक), इसलिए इन्हें एक ही वर्ष की सीधी तुलना की तरह पढ़ना उचित नहीं; ये वार्षिक रूप से संशोधित अनुमान हैं और इनसे किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुँचने से बचना चाहिए।
स्रोत: World Bank, World Development Indicators — EN.GHG.CO2.PC.CE.AR5 / EG.USE.PCAP.KG.OE / EG.FEC.RNEW.ZS / EG.ELC.ACCS.ZS / AG.LND.FRST.ZS (https://data.worldbank.org/indicator/AG.LND.FRST.ZS)
CO2 उत्सर्जन (प्रति व्यक्ति) को मानचित्र और ग्राफ़ में देखें
सूची के एक सिरे पर नाउरु और तुवालू (0.0 टन) जैसे बहुत छोटे द्वीपीय क्षेत्र तथा सोमालिया (0.0455 टन) हैं, दूसरे सिरे पर पलाऊ 82.8426 टन, क़तर 47.3322 टन और बहरीन 23.9 टन। भारत 2.1737 टन के साथ कम-उत्सर्जन वाले सिरे की ओर है।
रेखा 2013 के 1.5995 टन से 2024 के 2.1737 टन तक चढ़ती दिखती है, बीच में 2020 का 1.6804 टन नीचे की ओर एक मोड़ है। बार चार्ट बताता है कि दोनों सिरों के बीच फ़ासला बहुत बड़ा है — क़तर का मान भारत से लगभग 22 गुना।
देश चुनकर तुलना करें
ऊर्जा उपयोग (प्रति व्यक्ति)
| क्रम | देश / क्षेत्र | किग्रा तेल समतुल्य |
|---|---|---|
| 1 | लेसोथो | 9.73 |
| 2 | तिमोर-लेस्त | 60.7 |
| 3 | गिनी-बिसाउ | 65.47 |
| 4 | कोमोरोस | 66.46 |
| 5 | दक्षिण सूडान | 68.66 |
| 62 | ग्रेनाडा | 732.89 |
| 63 | सेंट लूसिया | 763 |
| 64 | भारत | 763.2 |
| 65 | जॉर्डन | 767.64 |
| 66 | क्यूबा | 775.83 |
| 177 | त्रिनिदाद और टोबैगो | 10,590 |
| 178 | आइसलैंड | 15,997 |
| 179 | क़तर | 16,343 |
सबसे कम उपयोग वाले सिरे पर लेसोथो 9.7273 किग्रा, तिमोर-लेस्त 60.7032 किग्रा और गिनी-बिसाउ 65.4727 किग्रा हैं; सबसे अधिक वाले सिरे पर क़तर 16343.0404 किग्रा, आइसलैंड 15996.6796 किग्रा और त्रिनिदाद और टोबैगो 10590.4282 किग्रा। भारत बीच से नीचे की ओर है।
रेखा 2012 के 572.1331 किग्रा से 2023 के 763.1979 किग्रा तक बढ़ती है, 2020 में 632.2398 किग्रा पर एक गिरावट के साथ। बार चार्ट में अमेरिका 6359.4398 किग्रा भारत से लगभग आठ गुना ऊपर दिखता है।
नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | कांगो - किंशासा | 96.3 |
| 2 | सोमालिया | 95.4 |
| 3 | लाइबेरिया | 92.8 |
| 4 | गैबॉन | 91.3 |
| 5 | मध्य अफ़्रीकी गणराज्य | 90.9 |
| 67 | समोआ | 35.9 |
| 68 | सेनेगल | 35.4 |
| 69 | भारत | 34.9 |
| 70 | लेसोथो | 34.9 |
| 71 | ताजिकिस्तान | 34.9 |
| 210 | जिब्राल्टर | 0 |
| 211 | क़तर | 0 |
| 212 | सिंट मार्टिन | 0 |
शीर्ष पर कांगो-किंशासा 96.3%, सोमालिया 95.4% और लाइबेरिया 92.8% जैसे कम आय वाले देश हैं, पड़ोस से भूटान 82.5% के साथ शीर्ष 12 में है; सबसे नीचे क़तर, बहरीन और ब्रूनेई 0.0% पर। भारत 34.9% के साथ ऊपरी एक-तिहाई में है।
रेखा 2010 के 36.2% से 2021 के 34.9% तक हल्की गिरावट दिखाती है, बीच में 2017 का 32.5% सबसे नीचे और 2020 का 36.1% ऊपर। बार चार्ट में भारत जर्मनी 17.6% और चीन 15.2% से लगभग दोगुने से अधिक ऊपर है।
बिजली तक पहुँच
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | अल्बानिया | 100 |
| 2 | अल्जीरिया | 100 |
| 3 | एंडोरा | 100 |
| 4 | एंटिगुआ और बरबुडा | 100 |
| 5 | अर्जेंटीना | 100 |
| 137 | सूरीनाम | 99.6 |
| 138 | बांग्लादेश | 99.5 |
| 139 | भारत | 99.5 |
| 140 | इंडोनेशिया | 99.4 |
| 141 | फ़िजी | 99.3 |
| 214 | चाड | 12 |
| 215 | बुरुंडी | 11.6 |
| 216 | दक्षिण सूडान | 5.4 |
सूची के ऊपरी हिस्से में अल्बानिया, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन समेत दर्जनों देश 100.0% पर बराबर हैं; सबसे नीचे दक्षिण सूडान 5.4%, बुरुंडी 11.6% और चाड 12.0%। भारत 99.5% के साथ 100.0% वाले समूह के ठीक नीचे है।
रेखा 2012 के 79.9% से 2023 के 99.5% तक सबसे तेज़ चढ़ाई दिखाती है — करीब 19.6 प्रतिशत अंक। बार चार्ट में ऊपरी देशों के बीच अंतर लगभग शून्य है, जबकि निचले सिरे तक का फ़ासला बहुत बड़ा।
वन क्षेत्र (भूमि का %)
| क्रम | देश / क्षेत्र | % |
|---|---|---|
| 1 | सूरीनाम | 94.45 |
| 2 | माइक्रोनेशिया | 92.16 |
| 3 | गैबॉन | 91.18 |
| 4 | पलाऊ | 90.54 |
| 5 | सोलोमन द्वीपसमूह | 90.06 |
| 118 | सेंट मार्टिन | 24.8 |
| 119 | गिनी | 24.7 |
| 120 | भारत | 24.54 |
| 121 | फ़िलिपींस | 24.46 |
| 122 | ब्रिटिश वर्जिन द्वीपसमूह | 24.13 |
| 212 | मोनाको | 0 |
| 213 | नाउरु | 0 |
| 214 | क़तर | 0 |
शीर्ष पर सूरीनाम 94.4476%, माइक्रोनेशिया 92.1571% और गैबॉन 91.1824% हैं; सबसे नीचे क़तर, मोनाको और जिब्राल्टर 0.0% तथा मिस्र 0.0452%। भारत 24.539% के साथ चीन 24.0319% के लगभग बराबर, बीच से नीचे है।
रेखा 2012 के 23.5534% से 2023 के 24.539% तक धीमी और लगभग सीधी चढ़ाई दिखाती है, कुल करीब 0.99 प्रतिशत अंक। बार चार्ट में जापान 68.3958% और दक्षिण कोरिया 64.1086% भारत से बहुत ऊपर, यू॰के॰ 13.2907% नीचे है।